पूर्णिया, सितम्बर 13 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से जारी आदेश ने सियासी हलचल तेज कर दी है। आदेश के मुताबिक जीविका दीदी और शिक्षकों को बसों में बैठाकर सभा स्थल तक ले जाने और वापस लाने की जिम्मेदारी तय की गई है, जिसपर सवाल उठाये जा रहे हैं। छात्र राजद के जिलाध्यक्ष मोहम्मद बिस्मिल ने कहा है कि आखिर शिक्षक और जीविका दीदी कौन हैं? क्या ये सत्तारूढ़ दल बीजेपी व जदयू की पार्टी कार्यकर्ता हैं या फिर सरकारी व्यवस्था का हिस्सा? शिक्षक सरकारी कर्मचारी हैं और जीविका दीदी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं, जिनका असल मकसद समाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण है। इसके बावजूद इन्हें राजनीतिक भीड़ जुटाने का साधन बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि कभी शिक्षकों को तो कभी जीविका दीदियों को स्क...
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