देहरादून, सितम्बर 2 -- शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। यहां 15 हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो टीईटी नहीं हैं और प्राइमरी और जूनियर स्तर के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे शिक्षकों की नौकरी पर आए संकट के बीच शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने मंगलवार शाम उच्च स्तरीय बैठक में इसका समाधान निकालने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में आरटीई लागू होने यानी 2011 से पहले तैनात बेसिक शिक्षकों के लिए भी टीईटी की अनिवार्यता के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने ऐसे शिक्षकों को इसमें राहत दी है, जिनके रिटायरमेंट के पांच साल से कम बचे हैं। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से राज्य के 15 हजार के करीब बेसिक शिक्षक सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में कोई रास्ता नहीं निकाला...