नई दिल्ली, फरवरी 16 -- शिक्षकों की जाति पढ़ाना है: डीयू कुलपति नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई अधिकार रैली के दौरान छात्रों के दो समूहों द्वारा हुई झड़प के बाद के बाद डीयू के कुलपति प्रो.योगेश सिंह ने सोमवार को शिक्षकों व छात्रों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक की कोई जाति नहीं होती। शिक्षक की जाति पढ़ाना है। उसका सामाजिक कर्तव्य ज्ञान और शिक्षा प्रदान करना है। अगर कोई शिक्षक आपस में या विद्यार्थियों के साथ भेदभाव करता है तो वह ठीक नहीं। प्रो. योगेश सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों से संवाद के दौरान बोल रहे थे। कुलपति ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे ध्यान रखें कि विश्वविद्यालय में कोई भी ऐसी अप्रिय घटना न हो जिससे सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचे। विद्यार्थियों को भी समझाएं और स्वयं भी इस ...