लखनऊ, दिसम्बर 4 -- महिला शिक्षकों के प्रतिनिधि मण्डल ने टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने के लिये रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली में भेंट कर ज्ञापन दिया। बताया कि टीईटी की अनिवार्यता से प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों के दो लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहरा गया है। अखिल भारतीय एवं उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना मौर्य के नेतृत्व में शिक्षक संघ की महिला शिक्षक प्रतिनिधि मण्डल ने रक्षामंत्री को शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 एवं एनसीटीई की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के प्रावधानों की जानकारी दी। शिक्षिकों ने उन्हें बताया कि 2010 से पहले नियुक्त सभी शिक्षक वैधानिक रूप से मान्य हैं। नियुक्ति के समय सभी अर्हता पूरी की हैं। अब शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपकर उनके साथ घोर अन्याय किया जा रहा है। सुलोचना के बताया क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.