बाराबंकी, नवम्बर 28 -- बाराबंकी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घड़ी जितनी करीब आ रही है, ग्राम पंचायतों में शिकायतों का दौर तेज हो रहा है। इसमें हो रही जांच की आंच से गांव की राजनीति भी गरमा रही है। विभागीय अधिकारियों से लेकर जांच टीम के सदस्यों तक को राजनीतिक दबाव झेलना पड़ रहा है। इस वर्ष अब तक करीब आर्धा दर्जन से अधिक शिकायतों में हुई जांच में वित्तीय अनियमितता मिलने पर प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को सीज किया जा चुका है। करीब एक दर्जन शिकायतें अभी भी लंबित हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आगामी अप्रैल या फिर मई माह में प्रस्तावित हो सकते हैं। वर्तमान ग्राम प्रधानों के कार्यों पर सवाल खड़े कर या तो उन्हें बदनाम करने की कोशिश हो रही है या फिर उनके कारनामों को उजागर कर प्रधानों का असली चेहरा सामने लाने की कोशिशें हो रही हैं। हालांकि हो...