सहारनपुर, दिसम्बर 14 -- गंगोह। हजरत कुतबे आलम के 502वें उर्स की शुरुआत 13 दिसम्बर की रात में दरगाहें रोशनी से जगमग हो उठी। शाह अतामंजिल पर रातभर कव्वालियों का दौर चला। रविवार की सुबह शाह अतामंजिल से सज्जादानशीं डां. शाह आसिम कुद्दुसी की अगवाई में जुलुस चादर शरीफ निकाला गया, जुलूस में सबसे आगे नाचते गाते कव्वाल चल रहे थे, उनके पीछे सज्जादानशी और हरियाणा पंजाब सहित अनेक स्थानों से आये मामू मौला बख्श के मुरीद चल रहे थे। मामू मोलाबख्श की दरगाह पर पहुंचने पर सज्जादानशीं हाजी इरशाद रब्बानी ने शाह आसिम कुद्दुसी का माला पहनाकर और गले मिलकर स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने हजरत शेख सादिक, मामू मोलाबख्श की दरगाह में चादर चढाई और मन्नत मांगी। लाडो रानी की मजार पर श्रंगार का सामान और झाडू चढाई गई।

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