नई दिल्ली, नवम्बर 15 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। डॉ. शाहीन से जुड़ी कई ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जिससे पता चलता है कि वह काफी पहले से खुद को बचाने के लिए पैंतरा चल चुकी थी। इसी कड़ी में उसने फरीदाबाद में हॉस्टल में रहने के दौरान वहां एक मस्जिद के पास के इलाके का फर्जी पता दिखाकर सिम कार्ड लिया था। इतना ही नहीं, उसने अपने दस्तावेजों में अचानक स्थाई पते के तौर पर लखनऊ के मड़ियांव स्थित भाई डॉ. परवेज का पता लिखना शुरू कर दिया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यूपी एटीएस को यह भी जानकारी दी है कि शाहीन जब पकड़ी गई तो उसने पहले अपने पिता शाहिद अंसारी के लखनऊ में होने की जानकारी नहीं दी। परवेज का पता मिलने पर जब कुछ और बिंदुओं पर पड़ताल होने पर पिता का घर लखनऊ के खंधारी बाजार में होना पाया गया। इसके बाद ही एटीएस खंधारी बाजार पहुंची थी। यहीं से पता चला थ...
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