बागपत, सितम्बर 9 -- रामपुर की सीएमओ बनाई गई डा. दीपा सिंह के खिलाफ बागपत डीएम अस्मित लाल ने 99 पन्नों की जांच रिर्पोट भेजकर शासन से उनके निलंबन की संतुति पिछले महीने ही की थी, मगर तमाम आरोपों को नजरअंदाज करते हुए उन्हें रामपुर का सीएमओ बना दिया गया। दरअसल, डीएम के निर्देश पर जनपद की तीनों तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों ने स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों को साथ लेकर गत 12 अगस्त को जिलेभर के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी की थी। पीसीपीएनडीटी एक्ट की नोडल अधिकारी डा. दीपा सिंह को लेकर इस छापेमारी के दौरान कई घपलेबाजी का खुलासा हुआ। दो अल्ट्रासाउंड सेटर तो ऐसे पाये गये थे, जहां मिली भगत करके पोर्टेबल मशीन चलाई जा रही थी। कई सेंटरों पर टेक्नीशियन नहीं पाए गए थे। इतना ही नहीं डाक्टरों को सेंटरों पर छापेमारी करने से भी रोका जाता रहा। उन पर छापेमा...
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