हमीरपुर, फरवरी 24 -- भरुआ सुमेरपुर। स्वामी रोटीराम जी की पावन तपस्थली मुमुक्षु आश्रम इंगोहटा इन दिनों श्रीमद्भागवत महापुराण के भक्तिमय रस में सराबोर है। मंगलवार को कथा के दौरान भगवान के दिव्य स्वरूप और सृष्टि की उत्पत्ति के रहस्यों को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा व्यास दण्डी स्वामी माहेश्वरानन्द जी ने परीक्षित जन्म और शुकदेव आगमन के प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भागवत कथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि मनुष्य को संसार की नश्वरता से परिचित कराकर ईश्वर से जोड़ने का सेतु है। स्वामी जी ने समझाया कि कैसे इस ब्रह्मांड की रचना हुई और परमात्मा का स्वरूप कण-कण में विद्यमान है। परीक्षित जन्म और शुकदेव आगमन के प्रसंग के माध्यम से बताया गया कि मृत्यु के भय को त्यागकर मोक्ष की प्राप्ति कैसे संभव है। कथा के माध्यम से संदेश दिया ग...