नवादा, सितम्बर 28 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन शिव व शक्ति के मिलन की प्रतिरूप देवी स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की गई। माता भक्तों ने परमपरावादी पूजाविधि, पूजा का मंत्र, भोग, आरती आदि का अनुष्ठान पूर्ण कर स्कंदमाता की आराधना की। स्कंदमाता को समर्पित रूप, प्रेम और स्नेह का प्रतीक दिवस नवरात्रि की पंचमी तिथि पर माता भक्तों ने आपसी प्रेम सद्भाव के साथ ही रूप और यश की मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। ऐसी मान्यता है कि प्रेम और ममता की मूर्ति स्कंदमाता की पूजा करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है और मां अपने भक्तों के बच्चों को दीर्घायु प्रदान करती हैं। इस मान्यता के कारण माता भक्तों ने अपनी संतान की दीर्घायु समेत सुख समृद्धि की कामना की। जहां घरों में माता भक्त पूजन में तल्लीन हैं, वहीं विभिन्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.