अल्मोड़ा, अप्रैल 26 -- ब्लॉक के देघाट-चिंतोली मोटर मार्ग का नाम अब स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. हरिकृष्ण और हीरामणी के नाम पर होगा। लोग लंबे समय से इस मार्ग का नाम सेनानियों के नाम पर रखने की मांग कर रहे थे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान चौकोट क्षेत्र में भारत छोड़ो आंदोलन की चिंगारी फैली थी। 19 अगस्त 1942 को क्रांतिकारयों ने देघाट में सभा का आयोजन किया। सभा को विफल करने के लिए ब्रिट्रिश सेना यहां पहुंची और जनरल जानसन ने क्रांतिकारियों को तितर बितर करने के लिए गोलीबारी शुरू कर दी। जिसमें भेलीपार गांव के निवासी हरिकृष्ण और खल्डुआ निवासी हीरामणी शहीद हो गए। इन रणबांकुरों के गांव को जोड़ने के लिए वर्ष 2012-13 में 22 किमी देघाट-चिंतोली सड़क बनी। तब से ग्रामीण इसे शहीदों के नाम करने की मांग कर रहे थे। अब राज्यपाल ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी ...
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