संभल, जनवरी 4 -- इमाम बारगाह मोहल्ला शर्की सादात में रविवार को एक मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें मर्सिया हसन अली मुजफ्फर नगरी ने पढ़ा जबकि पेशखानी हसन मेहदी ने की। मजलिस को दिल्ली से आए मौलाना शमशाद हुसैन रिजवी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शहादत कर दर्जा बहुत बुलन्द होता है शहीद कभी मरता नहीं वह जिंदा रहता है। मौलाना ने कहा कि हक हमेश हक रहता है। उन्होंने कहा कि हक का बातिल से टकराव होता रहेगा। इस्लाम एक बेहतरीन मजहब है। इस्लाम हमें हुक्म देता है कि अल्लाह की इबादत करो और अल्लाह के बंदों की खिदमत करो। इस्लाम को हजरत अबुतालिब के पोते हजरत इमाम हुसैन अलैहे ने अपने अज़ीज़ों और दोस्तों की कुर्बानी देकर बचाया। इस दौरान मौलाना, मंजूर आलम, मौलाना मीसम, मौलाना असगर, मास्टर सफदर, तौकीर हैदर, नदीम जाफरी आदि मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.