महोबा, नवम्बर 26 -- महोबा, संवाददाता। गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा में गुरुवाणी पाठ का आयोजन किया गया जिसमें आपसी भाईचारा की झलक देखने को मिली। गुरु तेग बहादुर के बलिदान पर प्रकाश डाला गया। गुरु तेग बहादुर के उपदेशों पर चलने का संकल्प लिया। मंगलवार को नौवें सिख गुरु तेग बहादुर के 350 वें शहीदी दिवस पर उन्हें याद किया गया। गुरुद्वारा में सुबह से ही लोगों के पहुंचनें का सिलसिला शुरु हो गया। गुरु के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अमृतसर में 21 अप्रैल 1621 को जन्म हुआ था। गुरु ग्रंथ साहिब में 116 भजनों का योगदान देते हुए जबरन धर्मांतरण का विरोध किया। मुगल शासनकाल में जबरन धर्मांतरण का विरोध करने पर गुरु ने शहादत दी। पंडित विष्णुदत्त चतुर्वेदी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने कहा कि मान लो तो हार है ठान लो तो जीत है। उनके त्याग और ...