बरेली, दिसम्बर 19 -- शहर में कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच राहत के सरकारी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। अलाव और रैन बसेरों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए किए गए रियलिटी चेक में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। ठंड से बचने के लिए मजबूर राहगीर, मजदूर और बेसहारा लोग अलाव की तलाश में भटकते नजर आए, जबकि रैन बसेरों के लिए संकेत बोर्ड नहीं लगाए गए। शहर में चिह्नित 320 स्थानों में से महज 53 पर ही अलाव जलते दिखे। गुरुवार की देर रात को सेटेलाइट बस स्टैंड और पुराने रोडवेज परिसर के अस्थाई रैन बसेरों का निरीक्षण किया गया, जहां गर्म पानी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। चौपला पुल के नीचे बनाए गए रैन बसेरे में भी ऐसा ही नजारा था। कुछ जगहों पर अलाव जलता मिला कुछ पर नहीं मिला। सब्जी मंडी क्षेत्र में अलाव की लकड़ी नाकाफी पाई गई, आग कुछ ही देर में बुझ गई। अलाव क...
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