मधुबनी, नवम्बर 19 -- हर वर्ष 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है। इस दिन विश्वभर में स्वच्छता संकट, सार्वजनिक शौचालय व्यवस्था और स्वच्छ जीवनशैली पर चर्चा होती है। लेकिन मधुबनी शहर की वास्तविक तस्वीर इस वैश्विक संदेश के बिल्कुल उलट नजर आती है। पूरा शहर स्वच्छता से जुड़े गंभीर संकट से जूझ रहा है, जहां न तो सार्वजनिक शौचालय हैं और न ही मौजूदा सुविधाओं का रखरखाव। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों की स्थिति ऐसी है कि लोग खुले में शौच जैसी समस्या से बेहाल हैं। शंकर चौक, बड़ा बाजार, किशोरी लाल चौक, चूड़ी बाजार, बस स्टैंड और आसपास के इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन जगहों पर प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी और जरूरी काम से आते हैं, लेकिन सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। खासकर महिलाओं के लिए स्थिति और भी गंभीर हो ...
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