प्रयागराज, मार्च 13 -- प्रयागराज। आजादी है, जिसको चाहो आज उसे वर लो। होली है तो आज अपरिचित से परिचय कर लो। आज नहीं बरजेगा कोई, मनचाही कर लो। होली है तो आज मित्र को पलकों में धर लो़...। होली के सौहार्द को व्यक्त करती डॉ़ हरिवंश राय बच्चन की इन्हीं पंक्तियों के भाव-उल्लास के रंगोत्सव की शुरुआत होगी। गुरुवार रात से शनिवार दोपहर तक लोकप्रिय होली गीतों की धुन पर होलियारों की टोली मस्ती के साथ झूमेगी। आमतौर पर इस त्योहार में होली का रंग लोकगीतों और फाग की परंपरा में दिखता रहा है लेकिन रंगभरे फिल्मी गीतों की मस्ती के साथ होली का आनंद अब और चटख हो गया। समय के साथ जिस तरह शहर में रंगों का राग बदला है तो गांवों में फगुआ की मिठास भी फींकी हुई है लेकिन शहर के साहित्यकारों की उत्सवधर्मी होली का रंग हमेशा से उल्लास और उत्साह का संचार करता रहा है।
हिंद...
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