एटा, मई 5 -- एटा। स्वचछ भारत मिशन के तहत शहर वासियों को 24 घंटे शौचालय की सेवा उपलब्ध कराने के लिए लाखों के बजट से बनाए गए सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयों में से 60 फीसदी महीनों से बंद पड़े हैं। इनके बंद होने से साफ है कि या तो इन्हें संचालित करना नगर पालिका के बूते से बाहर है या फिर सभी शौचालय दिखावे के लिए बनाए गए हैं। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी और मीरा गांधी के कार्यकाल में शहर के अंदर 05-05 सीटों वाले कुल 22 सार्वजनिक, सामुदायिक व पिंक शौचालय बनाए गए थे। यह सभी शौचालय मुख्य मार्गों, बाजारों, चौराहों, तिराहों, स्कूलों व पार्कों में कुल 86.24 लाख रुपये की लागत से बनाए गए थे। वर्तमान में अधिकांश शौचालय बंद पड़े हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि नगर पालिका ने 90 फीसदी शौचालयों पर अभी तक केयरटेकर नियुक्त नहीं ...
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