उन्नाव, जनवरी 31 -- उन्नाव। जनपद में मिनरल वाटर के नाम पर लोगों की सेहत से खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। शुद्ध पानी देने का दावा कर अवैध तरीके से संचालित दर्जनों वाटर प्लांट धड़ल्ले से दूषित पानी बेच रहे हैं। हालात यह हैं कि न तो ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) का लाइसेंस है, न ही पानी की गुणवत्ता जांचने की कोई ठोस व्यवस्था। इसके बावजूद प्रतिदिन हजारों लीटर पानी केन और पाउच के जरिए घर-घर पहुंचाया जा रहा है। वहीं, चर्चाएं हैं कि कार्रवाई के लिए जिम्मेदार विभाग थैली की खनक के आगे मौन है। शुद्ध पानी के नाम पर बिक रहे अधिकांश केनों पर न तो निर्माण तिथि अंकित है, न ही उपयोग की अंतिम तिथि। बैच नंबर और लाइसेंस नंबर भी गायब रहते हैं। कई स्थानों पर तो सीधे केन में पानी भरकर थमा दिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग तब हरकत में आत...