रामपुर, नवम्बर 25 -- एक ओर उच्चतम न्यायालय आवारा कुत्तों को लेकर गंभीर है तो वहीं दूसरी ओर जिले की स्थानीय निकाय स्तर पर कुत्तों को पकड़कर नसबंदी के प्रयास सिर्फ कागजी दौड़ लगा रहे हैं। शहर में पॉश कॉलोनियों से लेकर मोहल्लों में बढ़ते कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। लावारिस कुत्तों को लेकर 22 अगस्त को उच्चतम न्यायालय ने जिले में निकाय स्तर पर लावारिस कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करते हुए शेल्टर में बंद करने और बिना आक्रामक कुत्तों को सुरक्षित स्थान छोड़ने के निर्देश दिए थे। इसको लेकर शासन ने जिले की सभी नगर निकायों को आदेश का अनुपालन करते हुए योजना बनाने के साथ कुत्ते पकड़ने की कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेशों को दो माह से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन अब तक कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागज खानापूर्ति की जा रही है। शहर में आवारा कुत्तों की भरमार...