हमीरपुर, नवम्बर 7 -- हमीरपुर, संवाददाता। शहर से लेकर कस्बों में आवारा कुत्तों का स्वच्छंद विचरण हो रहा है। इन पर लगाम लगाने के फिलहाल कोई इंतजाम नहीं हुए है। आलम यह है कि इन कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर पालिका और पंचायतों में एक्सर्ट टीम और उपकरण तक नहीं है। अस्पतालों में कुत्ता काटे के मरीजों की रोज भीड़ हो रही है। औसतन जिला अस्पताल में प्रतिमाह आठ सौ से लेकर एक हजार तक कुत्ता काटे के रैबीज के डोज लगाए जा रहे हैं। इन कुत्तों की वजह से सड़क हादसे भी बढ़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए आदेशों के बाद से लेकर अब तक नगरीय इलाकों में जमीन चिन्हित की जा रही है जहां इन आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा ताकि इनकी नस्ल आगे न बढ़ने पाए। शहर के सार्वजनिक स्थानों से लेकर स्कूल-कॉलेज के कैंपस और अस्पतालों में बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों ...