प्रयागराज, मार्च 12 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि शस्त्र लाइसेंस के लिए दिए जाने वाले आवेदनों का समय सीमा के भीतर निस्तारण किया जाना आवश्यक है। कोर्ट ने कहा है कि समय सीमा के भीतर आवेदनों का निस्तारण नहीं करने वाले जिला अधिकारियों व अन्य अधिकारियों के विरुद्ध मुख्य सचिव कार्रवाई करें। कोर्ट ने प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों से भी कहा है कि वह शस्त्र लाइसेंस के लंबित आवेदनों की नियमित रूप से निगरानी करें। साथ ही राज्य सरकार को भी इसकी निगरानी का तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया है। मैनपुरी के शिव ओम की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने इससे पूर्व 17 फरवरी को राज्य सरकार से इस संबंध में जानकारी मांगी थी कि शस्त्र लाइसेंस के लिए दिए जाने वाले आवेदनों का समय सीमा के भीतर निस्तारण क्यों नहीं कि...
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