मुजफ्फरपुर, जनवरी 16 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। अहियापुर से अपहृत मां और उसके तीन बच्चे की मौत शव मिलने से 12 या 15 घंटे पहले हुई थी। सुबह छह बजे बूढ़ी गंडक नदी में लोगों ने शव देखा। इससे आशंका है कि रात में शव को नदी में फेंका गया। यानी मौत हो जाने के बाद शव को नदी में ठिकाने लगाया गया है। घटनास्थल व शवों की प्रारंभिक जांच के बाद एफएसएल के विशेषज्ञ ने यह जानकारी पुलिस को दी है। बताया गया कि बूढ़ी गंडक नदी में जब शव मिला तो ममता के पांव का सैंडल भी नहीं उतरा हुआ था। उसी तरह बच्चों के पांव में जूते और सर में टोपी भी लगी हुई थी। विशेषज्ञ की दलील है कि मारपीट या गले में फंदा लगाकर हत्या या आत्महत्या किया जाता तो पांव में सैंडल नहीं रहता। इन परिस्थितियों में मृतक इतना छटपटाता है कि पांव में सैंडल या जूता आदि टिक पाना मुश्किल हो जाता है।...
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