रामगढ़, फरवरी 6 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि छावनी फुटबॉल मैदान में ब्रज गोपिका सेवा मिशन की ओर से शुक्रवार को आयोजित 21 दिवसीय प्रवचन श्रृंखला में डॉ स्वामी युगल शरण ने उपनिषदों पर चल रहे प्रवचनों की सातवीं कड़ी में संसार के स्वरूप पर विस्तृत विवेचना की। रामगढ़ में पहली बार उपनिषद विषय पर हो रही इस श्रृंखला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। स्वामी युगल शरण ने अपने प्रवचन की शुरुआत करते हुए कहा कि संसरतीति संसार, गच्छतीति जगत्, अर्थात जो निरंतर गतिशील है वही संसार और जगत है। उन्होंने बताया कि संसार दो प्रकार का होता है-स्थूल और सूक्ष्म। स्थूल संसार बाहरी है, जिसे ईश्वर ने पंचतत्वों से रचा है, जबकि सूक्ष्म संसार मन की ओर से निर्मित होता है। स्वामी ने कहा कि वर्तमान समय में दो प्रकार के वाद प्रचलित हैं-भौतिकवाद और अध्यात्मवाद। मानव जीव...
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