खगडि़या, मई 4 -- बेलदौर।Rs. एक संवाददाता बोबिल पंचायत के कुम्हरैली गांव में तीन दिवसीय कबीर मत सत्संग के दूसरे दिन शनिवार को संत सम्राट रामलखन पथिक साहेब ने अनुयाइयों को संबोधित करते हुए सत्संग के मह्त्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार शरीर के लिए भोजन जरूरी है ठीक उसी प्रकार जीवन के लिए सत्संग आवश्यक है। सत्संग जीवन को निर्मल व पवित्र बनाता है। सत्संग के संंगत से मानव को गलत के जगह सही रास्ता पर चलने के लिए प्रेरित होता है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, वासना जैसे मन में आए दुराचार पर सत्संग के माध्यम से काबू पाने में सफल रहने की बात बताई। नित्य प्रतिदिन सुबह शाम सत्संग कर जीवन को भवसागर रुपी संसार से मुक्ति मिलने का एकमात्र रास्ता बताते हुए कहा कि सच्चे सद्गुरु से दीक्षा लेनी चाहिए। बगैर गुरु ज्ञान न होय कहते हुए सच्चे गुरु के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.