नई दिल्ली, नवम्बर 11 -- भारतीय घरों में घी को सिर्फ स्वाद का प्रतीक नहीं बल्कि स्वास्थ्य का खजाना भी माना जाता है। आयुर्वेद में घी को 'अमृत तुल्य' बताया गया है क्योंकि इसमें ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद हैं जो शरीर, मन और आत्मा तीनों को संतुलित करते हैं। घी में विटामिन A, D, E, K, एंटीऑक्सीडेंट्स और आवश्यक फैटी एसिड्स पाए जाते हैं जो शरीर की कोशिकाओं को पोषण देकर अंदर से मजबूती प्रदान करते हैं। घी लगाने का उपयोग केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि यह एक पारंपरिक आयुर्वेदिक थेरेपी भी है। शरीर के कुछ विशेष बिंदुओं जैसे नाभि, तलवे, नाक और होंठ पर घी लगाने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। यह त्वचा को हाइड्रेट रखता है, नींद में सुधार लाता है, पाचन को मजबूत करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। आधुनिक जीवनशैली में जहां प्रदूषण, तनाव और अनियमित ख...