अहमदाबाद, दिसम्बर 15 -- गुजरात का एक गांव फिर से चर्चा में है। शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए बनासकांठा जिले के धुवा गांव ने पहले एक अनोखा फैसला लिया था। गांव ने तय किया था कि अगर कोई व्यक्ति शराब पीते या शराब रखते हुए पकड़ा गया, तो उसका मुंडन किया जाएगा। इस फैसले का मकसद डर और शर्म के जरिए शराब से दूरी बनाना था। हालांकि विरोध के बाद पंचायत ने अब शराब पीने वालों के लिए नया फरमान सुनाया है। पंचायत की मुंडन वाली सजा ज्यादा दिन तक नहीं चल पाई। गांव के लोगों ने मुंडन की सजा का खुलकर विरोध किया। इसके बाद गांव के बुजुर्गों और पंचायत ने विचार-विमर्श किया और फैसला बदला। अब शराब पीते या रखते पकड़े जाने पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह भी पढ़ें- गुजरात में 500 लोगों की भीड़ ने पुलिस और वन और अफसरों किया हमला, 47 अधिकारी घाय...
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