हापुड़, अक्टूबर 6 -- शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को ब्रजघाट गंगा तट आस्था और श्रद्धा के रंगों में सराबोर हो उठा। दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयकारों से पूरी गंगानगरी गूंज उठी। सुबह से ही स्नानार्थियों की भीड़ गंगा तटों पर उमड़ पड़ी और दिनभर आस्था का प्रवाह बना रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर दीपदान किया और प्रसाद वितरण किया। शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में भक्तों ने व्रत-उपवास रखकर अपने आराध्य देवता को खीर का नैवेद्य अर्पित किया। इस मौके पर पंडित गोविंद शास्त्री ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात वर्ष की सबसे दिव्य और औषधीय मानी जाती है। इसी दिन चंद्रमा अपने पूर्ण सौंदर्य और शीतलता के साथ धरती पर अमृत बरसाता है। कहा जात...
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