रुडकी, अक्टूबर 3 -- इस साल शरद पूर्णिमा 6 अक्तूबर, सोमवार को विशेष ज्योतिषीय योग में मनाई जाएगी। कई वर्षों बाद यह पूर्णिमा विष योग में आ रही है, जिसमें शनि और चंद्रमा मीन राशि में स्थित होंगे। ज्योतिषाचार्य राकेश शुक्ला के अनुसार यह संयोग अत्यंत दुर्लभ है और इस दिन व्रत व पूजा करने से चंद्र देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शरद पूर्णिमा को लेकर मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है और उसकी किरणों से अमृत तत्व पृथ्वी पर बरसता है। खासकर इस रात चांदनी में रखी गई खीर में औषधीय गुण आ जाते हैं, जिसे स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। पूर्णिमा तिथि 6 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर 7 अक्तूबर को सुबह 9 बजकर 15 मिनट तक रहेगी।
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