गोरखपुर, अक्टूबर 4 -- शरद ऋतु की पूर्णिमा इस बार कई शुभ संयोगों के साथ आ रही है। वाराणसी से प्रकाशित पंचांगों के अनुसार, शरद पूर्णिमा का व्रत इस वर्ष 6 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण सौंदर्य में मीन राशि पर स्थित रहेगा और रात्रि में उसकी दूधिया चांदनी से अमृत के बरसने की मान्यता है। ज्योतिषाचार्य पं. शरद चंद मिश्र ने बताया कि इस दिन गोजागर व्रत, महालक्ष्मी पूजन, रात्रि जागरण और खीर का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि 6 अक्तूबर को दिन में 11:24 बजे चतुर्दशी समाप्त होकर पूर्णिमा तिथि आरंभ होगी, जो अगले दिन 7 अक्टूबर सुबह 9:33 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा का आरंभ प्रदोषकाल और अर्धरात्रि में होने से इस दिन शरद पूर्णिमा व्रत और गोजागर व्रत का विशेष महत्व रहेगा। पौराणिक मान्यता है कि इसी रात भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में गोपियों के...
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