लखनऊ, अक्टूबर 5 -- आश्विन मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा यानी छह अक्टूबर (सोमवार) को शरद पृर्णिमा मनायी जाएगी। इस दिन चंद्रमा अपनी पूरी 16 कलाओं से युक्त होकर अमृत वर्षा करता है। ऐसी मान्यता है कि शरद पृर्णिमा को माता लक्ष्मी रात्रि में विचरण करती है और भक्तों पर धन-धान्य से पूर्ण करती हैं। इस वर्ष पूर्णिमा तिथि सोमवार को दिन में 12.23 बजे से प्रारम्भ होकर सात अक्टूबर को सुबह 9.16 बजे तक रहेगी। शरद पूर्णिमा को 'कौमुदी व्रत व 'कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि इस बार शरद पूर्णिमा के दिन वृद्धि उपरांत ध्रुव योग रहेगा, उतरा भाद्रपद नक्षत्र का शुभ संयोग भी बन रहा है। चन्द्रमा मीन राशि का संयोग बना रहे हैं। चंद्रोदय शाम 5.12 पर होगा। ऐसी मान्यता है इस दिन चन्द्रमा से पावन अमृत बरसता है। इसलिए लोग खीर...
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