नवादा, अक्टूबर 7 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। आस्था, अध्यात्म और सौंदर्य का अद्भुत संगम वाली शरद पूर्णिमा की रात को श्रद्धालुओं ने आस्था और भक्तिभाव से माता लक्ष्मी का पूजन किया। आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि पर सोमवार को दोपहर 12:23 बजे से प्रारंभ होकर दूसरे दिन मंगलवार को सुबह 09:16 बजे तक रहे अनुकूल समय के क्रम में श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में पूजा-विधान पूरा किया। शरद पूर्णिमा अर्थात कोजागर पूजा का शुभ मुहूर्त रात्रि 11:45 बजे से लेकर 12:34 बजे तक रहा, हालांकि पूजा की हलचल शाम को चंद्रोदय के साथ ही 05:27 बजे से हो गया था। शरद पूर्णिमा के दिन चांद अपनी 16 कलाओं से युक्त होकर धरती पर अमृत की वर्षा करता रहा। पौराणिक मान्यता के अनुसार, सोमवार को चंद्रमा की किरणों से अमृत बूंदें झरती रहीं और प्रसाद स्वरूप खुले आसमान के नीचे रखे गए खीर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.