लखनऊ, जनवरी 24 -- लखनऊ, संवाददाता। शिव श्याम मंदिर समिति की ओर से सदर कैंट हाता रामदास स्थित शिव श्याम मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में कथा वाचक आचार्य देवेश अवस्थी ने महारास लीला, मथुरा गमन एवं श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को मुग्ध कर दिया। आचार्य देवेश ने कहा कि रुक्मणी का पत्र भगवान के प्रति अटूट विश्वास का प्रमाण है। किस प्रकार भगवान ने शिशुपाल जैसे अधर्मियों के बीच से रुक्मणी का वरण किया, जो यह दर्शाता है कि शरणागत की रक्षा करना ही प्रभु का परम धर्म है। विवाह के मंगल गीतों और झांकी के दौरान पूरा पंडाल जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कथा में मुख्य संयोजक राजेंद्र कुमार पांडेय गुरुजी, मुख्य यजमान ब्रम्ह प्रकाश व पुष्पा अग्रवाल मौजूद रहे।

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