नई दिल्ली, जून 23 -- उत्तराखंड का पहला हनुमान मंदिर बजरंगढ़ है। यह मंदिर नैनीताल-हल्द्वानी मोटर मार्ग में घाटी नामक स्थान में बजरी के एक ऊंचे पहाड़ी टीले पर स्थित है। इस स्थान पर पहले श्मशान था। मुकुन्दा की किताब 'अनन्त कथामृत' में उत्तराखंड के पहले हनुमान मंदिर के निर्माण का वर्णन है। मंदिर निर्माण से पहले वह स्थान स्थानीय जनता की नजर में डरावना स्थान था। इस मंदिर के निर्माण से पहले उत्तराखंड में हनुमान जी की पूजा और उपासना का उतना चलन नहीं था और उनको वानरी सेना का एक नायक और रामदूत के रूप में ही देखा जाता था।नीब करौली महाराज ने की स्थापना इस मंदिर का निर्माण नीब करौली महाराज ने करवाया था। नीब करौली महाराज हर शाम इस घाटी पर बैठा करते थे। कभी-कभी पूरी रात ही वहीं बैठा करते थे। बाद में नीब करौली महाराज ने श्मशान भूमि में आसन जमा लिया। फिर ...
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