हजारीबाग, फरवरी 2 -- हजारीबाग़, नगर प्रतिनिधि। अल्लाह तआला का बेपनाह फ़ज़्ल है कि उसने इंसानी ज़िंदगी की तरबीयत और आत्मिक सुधार के लिए कुछ ख़ास रातें अता की हैं। उन्हीं में से एक है शब-ए-बरात, जो इस वर्ष 3 फरवरी की रात मनाई जाएगी। यह रात इबादत, दुआ और मग़फ़िरत की मानी जाती है। रोमी के रहने वाले अल्लामा जाबिर हुसैन सिद्दीकी फरमाते हैं कि शब-ए-बरात का असल मक़सद इंसान का अपने रब की ओर रुजू करना, अपने गुनाहों पर शर्मिंदगी और बेहतर इंसान बनने का संकल्प लेना है। यह रात दिखावे या फालतू कामों की नहीं, बल्कि सच्चे दिल से इबादत और दुआ की है। इस रात मुसलमान नमाज़, तिलावत-ए-क़ुरआन और ज़िक्र के ज़रिये अल्लाह से बख़्शिश की दुआ करते हैं। अपने मरहूम रिश्तेदारों के ईसाल-ए-सवाब के लिए भी दुआ की जाती है। हजारीबाग में यह रात शांति, सादगी और अनुशासन के साथ मनाई ...