मेरठ, फरवरी 4 -- सरूरपुर। कस्बों और गांवों में मंगलवार रात शब-ए-बरआत पूरी अकीदत के साथ मनाई गई। इबादत और मगफिरत की इस मुकद्दस रात में अकीदतमंद देर रात तक अल्लाह की बारगाह में सजदे में झुके रहे। मस्जिदों में नमाज, कुरआन की तिलावत और दुआओं का सिलसिला चलता रहा, वहीं कब्रिस्तानों में जाकर लोगों ने अपने मरहूमों के लिए फातिहा पढ़ी और उनकी मगफिरत की दुआ मांगी। मंगलवार शाम ढलते ही क्षेत्र की मस्जिदों में अकीदतमंदों की भीड़ जुटने लगी। हर्रा, खिवाई, पांचली बुजुर्ग, जसड़-सुल्ताननगर और जैनपुर आदि गांवों में मस्जिदें पूरी रात गुलजार रहीं। इसे लेकर कस्बा हर्रा स्थित जामिया सबील उल फलाह के मोहतमिम मुफ्ती इसराईल फानी ने शब-ए-बरआत की अहमियत पर रोशनी डालते हुए बताया कि यह रात अल्लाह की रहमत और गुनाहों से तौबा करने का खास मौका होती है। उन्होंने कहा कि इस रा...