हरिद्वार, दिसम्बर 8 -- शब्द गंगा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच की कवि गोष्ठी और साहित्यकार सम्मान समारोह में गीत-गजल की स्वर लहरी गूंजी। सोमवार को हरिद्वार प्रेस क्लब के हुतात्मा गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में इस समारोह की अध्यक्षता देहरादून के 84 वर्षीय वरिष्ठ कवि असीम शुक्ल ने की। उन्होंने अपनी लोकप्रिय पंक्तियां-'हम चंदनवन के आसपास रहते हैं, तुमको सांपों से भय न लगे तब आ जाना.' पेश कर पूरे सभागार से सराहना पाई। इसका संचालन शब्द गंगा मंच के संस्थापक और कवि बृजेन्द्र हर्ष ने किया। हरिद्वार, रुड़की, देहरादून और सहारनपुर से आए कवियों ने गीत, गजल, मुक्तक और कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. मनोरमा नौटियाल ने गजल 'बेसबब बिन बात अपनी.' से शुरुआत की। सहारनपुर के डॉ. विजेंद्र पाल शर्मा ने 'आज छप्पन भोग हैं पर तुम नहीं हो.' सुनाकर ल...