नई दिल्ली, फरवरी 10 -- 14 फरवरी 2026 को शनिवार के दिन शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा। यह व्रत महाशिवरात्रि से ठीक एक दिन पहले पड़ रहा है, जो अपने आप में एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से शनि देव भी प्रसन्न हो जाते हैं। शिव पुराण और अन्य ग्रंथों में शनि प्रदोष को कष्ट निवारण, न्याय, धन प्राप्ति और जीवन में स्थिरता लाने का सर्वोत्तम अवसर बताया गया है। आइए जानते हैं इस व्रत की तिथि, महत्व और पूजा विधि।शनि प्रदोष और महाशिवरात्रि का दुर्लभ संयोग शनिवार को प्रदोष व्रत का संयोग महाशिवरात्रि से ठीक पहले पड़ना बहुत ही दुर्लभ है। शनिवार शनि देव का दिन होता है और प्रदोष काल शिव पूजा का समय। इस दिन शिव की पूजा करने से शनि देव स्वयं प्रसन्न हो जाते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि शनि देव महादेव के परम भक्त और मानस ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.