कन्नौज, जून 8 -- छिबरामऊ, संवाददाता। जिस तेजी और सक्रियता से प्रशासन शत्रु संपत्ति को संरक्षित और सुरक्षित करने की कवायद कर रहा है और यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो कई लोगों के आशियाने उजड़ जाएंगे। सबसे ज्यादा पीड़ा तो उन लोगों को होगी, जिन लोगों ने लाखों खर्च कर शत्रु संपंतियों के बैनामें कराए और उन पर लाखों रुपया लगाकर अपने सपनों का महल बनाया। यही सोचकर लोगों के दिल बैठ जा रहा हैं। कई दशक पहले छिबरामऊ छोड़कर पाकिस्तान जाकर बस जाने वाली मोहल्ला विरतिया निवासी हलीमा बीवी पत्नी मौजूद अली से जुड़ी सैकड़ों बीघा जमीन का मामला अब काफी तेजी से गरमाने लगा है। किसान नेता गोपाल दुबे टाडा द्वारा उठाए गए शत्रु संपत्ति से संबंधित मामले को अब शासन प्रशासन ने पूरी तरह संज्ञान में ले लिया है। ऐसे में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हलीमा बीवी से जुड़ी जमीनों क...
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