हरिद्वार, दिसम्बर 4 -- हरिद्वार। अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि विश्व समुदाय के लिए शताब्दी वर्ष सौभाग्य की त्रिवेणी का अद्भुत संगम लेकर आया है। उन्होंने कहा कि माता समाज में नारी-जागरण और नारी-स्वाभिमान की प्रेरक शक्ति रहीं। माता ने नारी को परिवार और समाज की आधारशिला के रूप में देखा। उन्होंने संस्कार, सेवा और शिक्षा के माध्यम से नारी को सामथ्र्य प्रदान किया। उन्होंने कहा की यह आयोजन भारत की भूमि, पूज्य गुरुदेव और वंदनीया माताजी के प्रति हमारे ऋण की अभिव्यक्ति का समय है। उन्होंने कहा कि एक माह से हजारों सेवक स्थल-व्यवस्था, मार्ग-सज्जा, स्वच्छता और संरचना संबंधी तैयारी में जुटे थे। प्रतिकुलपति ने शताब्दी समारोह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी अतिथियों को गायत्री मंत्र चादर, रुद्राक्ष की माला तथ...