नई दिल्ली, जनवरी 10 -- चीन और पाकिस्तान की ओर से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के विस्तार की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद, भारत ने इस पर कड़ा एतराज जताया है। इस प्रस्तावित विस्तार में पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और शक्सगाम घाटी को शामिल किए जाने पर भारत सरकार ने इसे सीधे तौर पर अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि शक्सगाम घाटी भारत का अभिन्न हिस्सा है और भारत ने कभी भी चीन-पाकिस्तान के बीच हुए तथाकथित 1963 के 'बाउंड्री एग्रीमेंट' को मान्यता नहीं दी है। पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से शक्सगाम घाटी स्थित 5,180 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया था, जो उन क्षेत्रों का हिस्सा था जिन पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा...