लखनऊ, फरवरी 24 -- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज का ये कथन सभी के लिए दिशा निर्देशक एवं मार्ग निर्धारक है कि 'नेता वही जिसमें नीति हो और नीति उसी में होती है, जिसमें नैतिकता होती है'। उन्होंने कहा कि लगता है 'पीडीए पाठशाला' के सांकेतिक आंदोलन को एक वास्तविक आंदोलन में बदलना होगा, तभी शोषित-वंचित समाज की पीढ़ियां आगे पढ़ और बढ़ पाएंगी। अखिलेश ने मंगलवार को कहा है कि शंकराचार्य धर्म तथा अहंकार की लड़ाई ही महाकाव्यों का मूल विषय रहा है और अंहकार का अंततः अंत होता है, यही मूल संदेश। अहंकारी कभी सनातनी नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ! सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर साबित कर दिया है कि खुदगर्जी के सिवा वो किसी की सगी नहीं है। भाजपाइयों के जुल्म, ज...