नई दिल्ली, जनवरी 28 -- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेला अचानक छोड़ दिया है। बुधवार की सुबह माघ मेले को छोड़ने का फैसला करने के बाद शंकराचार्य प्रयागराज से काशी के लिए रवाना हो गए। मौनी अमावस्या पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से विवाद के बाद उन्होंने संगम में स्नान भी नहीं किया था। इसके बाद से अपने शिविर में भी नहीं गए थे। बुधवार को 11वें दिन भी वह शिविर के बाहर ही धरने पर डटे रहे। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात समर्थकों से बातचीत के बाद शंकराचार्य ने माघ मेला छोड़ने का फैसला किया। यह पहला मौका है जब माघ मेले में आने के बाद शंकराचार्य बिना स्नान ही वापस चले गए हैं। माघ मेले को छोड़ने से पहले शंकराचार्य ने कहा कि हमने अन्याय का विरोध किया है और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कहा कि प्रयाग की इस धरती पर लोग आध्यात्मिक शा...