मथुरा, दिसम्बर 2 -- श्रंगेरी शारदा पीठ के उत्तराधिकारी जगद्गुरु शंकराचार्य विधुषेखर भारती महाराज ने कहा कि कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लेकर जिस प्रकार श्रीवासुदेवजी एवं देवकीजी को बन्धन मुक्त किया उसी प्रकार भगवान हमारे जीवन के अज्ञान और अहंकार रूपी बन्धनों को नष्ट करें, जिससे हम मानव जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। शंकराचार्य ने श्रीकृष्ण-जन्मभूमि के विकास, विस्तार एवं प्राचीन स्वरूप की पुनर्स्थापना के लिए भी कामना की। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीला मंच से अपने उद्बबोधन के पश्चात् शंकराचार्य ने श्रंगेरी पीठ से लाये गये विशिष्ट प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरत किया। इसके बाद उन्होंने जन्मस्थान स्थित गोशाला में विचरण कर रहे गोवंश का पूजन कर अपने हाथों से आहार भी गृहण कराया। सायंकाल गीता-जयन्ती महोत्सव महा प्रसाद का वितर...