नई दिल्ली, जनवरी 28 -- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेला बीच में ही छोड़ने का फैसला कर लिया है। मौनी अमावस्या पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से विवाद के बाद उन्होंने स्नान भी नहीं किया था। इसके बाद से अपने शिविर में भी नहीं गए हैं। बुधवार को 11वें दिन भी वह शिविर के बाहर ही धरने पर डटे रहे। बताया जा रहा है कि देर रात समर्थकों से बातचीत के बाद शंकराचार्य ने बीच में ही माघ मेला छोड़ने का फैसला किया है। इसका आधिकारिक ऐलान और मेला छोड़ने का कारण कुछ देर में बताएंगे। माघ मेले का आयोजन हर साल मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक करीब डेढ़ महीने के लिए होता है। हालांकि कल्पवास के लिए आने वाले भक्त मकर संक्रांति से माघ पूर्णिमा तक यहां रहते हैं। इस बार माघ पूर्णिमा एक फरवरी को है। अभी तक माना जा रहा था कि माघ पूर्णिमा तक शंकराचार्य भी...
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