गिरडीह, मई 17 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। व्यावसायिक प्रशिक्षकों को 4 माह से मानदेय नहीं मिला है। जिससे उनके परिवार के सामने आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। जिले में लगभग 80 व्यावसायिक प्रशिक्षक विभिन्न उच्च एवं प्लस टू विद्यालय में अलग-अलग कंपनी के माध्यम से कार्यरत हैं। कई प्रशिक्षक के सामने आर्थिक संकट आ गया है, क्योंकि उनका मानदेय 4 माह से बकाया है। इस संदर्भ में झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ के जिला सचिव ऋषिकांत सिन्हा ने कहा कि कम मानदेय पर व्यावासयिक प्रशिक्षक कार्य करते हैं। उस पर से समय पर कंपनी द्वारा मानदेय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि इससे शिक्षा के गुणात्मकता पर विपरीत असर पड़ता है। बताया गया कि कम्पनियों के द्वारा सत्र 2024-25 में बच्चों को न इंडस्ट्री विजिट कराया गया न ही गेस्ट लेक्चर का भुगतान किया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान...
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