हरिद्वार, जनवरी 19 -- प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल की शहर इकाई और जागृति विचार मंच ने सोमवार को शासन-प्रशासन पर सवाल खड़े किए। प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2025 तक देवभूमि को नशा मुक्त बनाने का दावा किया था, लेकिन अब 2026 भी आ गया और हालात यह हैं कि हरिद्वार तक नशामुक्त नहीं हो सका है। वक्ताओं ने कहा कि सूखा नशा बच्चों और युवाओं को बर्बाद कर रहा है, लेकिन अफसर इस ओर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। सूचना देने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जनता कब तक खामोश रहे। युवा जागृति मंच की ओर से पहले भी अनशन किया गया था, जिसे आश्वासन देकर खत्म् कराया गया, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। व्यापारियों ने कहा कि नशे का काला कारोबार इस हद तक बढ़ चुका है कि माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेक...