आगरा, सितम्बर 18 -- व्यवसायी की पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने लापरवाही बरती। सेल्समैन, वादी के भाई एवं मौके के प्रत्यक्षदर्शी को गवाही में पेश नहीं किया। वादी एवं अन्य गवाह बयानों से पलट गए। वादी ने बयान में कहा वह एफआईआर कराने थाने नहीं गए, जबकि पुलिसकर्मी ने बयान में कहा कि वादी की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी आरिफ उर्फ शानू निवासी ताजगंज को बरी करने के आदेश दिए। वहीं आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभय पाठक ने तर्क दिए कि गवाह बयानों से पलट गए। चर्चित व्यवसायी ग्यासुद्दीन ने थाना ताजगंज पर तहरीर देकर आरोप लगाया कि 15 मई 2015 की रात वह अपनी पत्नी जरीना वहाब उर्फ डॉली के साथ घर के बाहर कुर्सी पर बैठा था। उसी दौरान आई स्कार्पियो में से उतर एक व्यक्ति ने उनकी पत्नी पर गोली चला दी। हमलावर गाड...