नई दिल्ली, जुलाई 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि वैवाहिक विवादों में शिकायत या प्राथमिकी दर्ज होने के दो माह तक न तो गिरफ्तारी होगी और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि शिकायत या मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले को अनिवार्य तौर पर परिवार कल्याण समिति (एफडब्ल्यूसी) के समक्ष भेजना होगा। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने अपने फैसले में वैवाहिक विवादों में आईपीसी की धारा 498ए (बीएनएस की धारा 85) के दुरुपयोग रोकने के लिए परिवार कल्याण समिति (एफडब्ल्यूसी) के गठन के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा उपायों को मंजूरी दे दी। शीर्ष अदालत ने देशभर के सभी जिलों में संबंधित व सक्षम प्राधिकारों को उक्त दिशा-निर्देश लागू करने और प्रभावी क्रियान्वयन करने का आदेश दिय...
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