बरेली, मई 13 -- नगर के आर्य समाज के 111वें वार्षिकोत्सव के समापन पर यजमानों की भीड़ जुटी। जिसमें पांच कुंडीय यज्ञ में पूर्ण आहुतियां दी गईं तथा यज्ञ की महिमा बताई गई। इस दौरान स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि वेदों में विज्ञान का समावेश है। नगर के सरस्वती विद्या मन्दिर में चल रहे आर्य समाज के वार्षिकोत्सव का सोमवार को समापन हो गया। अंतरराष्ट्रीय प्रचारक और अखिल भारतीय शुद्धि सभा अध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ पांच कुंडीय यज्ञ कराया। उन्होंने कहा कि वेदों के बताए मार्ग पर चलकर भारत में चक्रवती सम्राट बने, जिनका विश्व पर शासन रहा। वेदों हमें जीवन जीने की राह भी दिखाते हैं। उन्होंने यज्ञ की महिमा का बखान किया तथा जनेऊ की विशेषता बताते हुए इसे धारण करने के तरीके भी बताए। भजनोपदेशक भानु प्रकाश शास्त्री और भजनोपदेशि...
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