रणविजय सिंह। नई दिल्ली, दिसम्बर 23 -- गंभीर बीमारियों के कारण आईसीयू में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे मरीजों को फायदा होगा या नहीं, यह पूर्वानुमान लगाना आसान नहीं होता। अस्पतालों में मरीजों के दबाव में कई बार ऐसे मरीज को आईसीयू की सुविधा नहीं मिल पाती, जिनकी जिंदगी बचाई जा सकती है। ऐसे में कई मरीज आईसीयू की सुविधा न मिल पाने से भी दम तोड़ देते हैं। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मशीन लर्निंग टूल यह काम आसान करेगा। आईआईटी दिल्ली के सेंटर फॉर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग व एम्स के विशेषज्ञों ने मिलकर यह तकनीक विकसित की है। यह टूल डॉक्टरों को आईसीयू में जीवन रक्षक उपकरण (वेंटिलेटर) के सपोर्ट पर भर्ती मरीजों की स्थिति और इलाज से फायदा होगा या नहीं यह पूर्वानुमान लगाने में मदद करेगा। इस आधार पर डॉक्टरों को आगे की रणनीति तय करने में ...